गोलघर (Golghar Patna) बिहार की राजधानी पटना में स्थित एक महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल है। इसे ब्रिटिश काल में मूल रूप से अन्न रखने के लिए गोदाम के रूप में बनाया गया था। Patna ke Golghar को गोलाकार एवं स्तूप आर्किटेक्चर के साथ बनाया गया है। Patna ka Golghar पश्चिमी गाँधी मैदान में बांकीपुर गर्ल्स स्कूल के सामने स्थित है। इसके कुछ ही दूर पर गंगा नदी के घाट मौजूद हैं। गोलघर के चारो और सीढ़ियां बानी हैं जिसकी मदद से लोग ऊपर चढ़ा करते थे और पटना शहर का विहंगम दृश्य देख सकते थे। इसे सन 1786 में अंग्रेजी शासन के दौरान कैप्टेन जॉन गर्स्टिन ने बनवाया था। इस पोस्ट में हम आपको पटना शहर में स्थित इस ऐतिहासिक इमारत के बारे में जानकारी मुहैया कराएंगे।

Patna Ke Golghar के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
जगह का नाम | गोलघर पटना |
कहाँ स्थित है | पश्चिम गाँधी मैदान, सरकारी बालिका विद्यालय के सामने, अशोक राजपथ रोड |
निर्माण हुआ | 20 जुलाई 1786 |
किस ब्रिटिश गवर्नर जनरल के कार्यकाल में बना | लार्ड वारेन हास्टिंग्स |
किस उद्देश्य के लिए बना | अन्न भण्डारण के लिए |
ऊंचाई | 29 मीटर |
आर्किटेक्ट | कैप्टेन जॉन गर्स्टिन |
किसके शासनकाल में बना | अंग्रेज़ो के |
वर्तमान स्थिति | दार्शनिक स्थल |
गोलघर में सीढ़ियों की संख्या | 145 |
गोलघर का इतिहास | Patna Golghar History in Hindi
सन 1770 में बंगाल प्रोविंस में भीषण अकाल पड़ा। उस वक़्त बिहार भी बंगाल प्रोविंस का हिस्सा था। इस अकाल की वजह से लोगों में भुखमरी फैली और प्रशासन के सामने लोगों तक अन्न मुहैया कराने की चुनौती सामने आ गयी। जैसा की हम जानते हैं की अंग्रेजों का भारत की जनता की भलाई करने का कोई इरादा नहीं होता था और अधिकतर भारत को वह अपनी फ़ौज के जरिये बलपूर्वक नियंत्रण में रखते थे।
इसलिए फौज को अन्न की कमी न हो इस वजह से सन 1784 में गवर्नर जनरल लार्ड वारेन हास्टिंग्स के कार्यकाल के दौरान पटना स्थित कई जगहों पर अन्न भण्डारण की व्यवस्था करने के लिए गोलघर जैसे गोदामों का निर्माण कराने की योजना बानी। हालाँकि, यह सिर्फ पटना में ही बन पाया। इसका निर्माण 20 जनवरी 1784 को वास्तुकार कैप्टेन जॉन गार्स्टिन के द्वारा शुरू हुआ और यह 20 जुलाई 1786 में बनकर तैयार हो गया।
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पटना गोलघर वास्तुकला | Patna Golghar Architecture
गोलघर को स्तूप शैली की वास्तूकला में ढाला गया है। स्तूप एक टीले जैसी या गोलार्द्ध जैसी संरचना को बोलते हैं। बुद्धा के कई मंदिर, स्तूप वास्तुकला पर आधारित बनाये जाते हैं। जैसा की हम जानते हैं की गोलघर को अन्न भण्डारण के लिए बनाया गया था, इसके बाहर के चारों ओर कुल 145 सीढियाँ दी गयी हैं। इन सीढ़ियों के ज़रिये अनाज का भण्डारण होता था। श्रमिक इन सीढ़ियों से चढ़कर गोलघर के अंदर अनाज पहुँचाने का काम किया करते थे। चढ़ने के लिए सीढ़ियां एक तरफ थीं ओर उतरने के लिए दूसरी तरफ।
Golghar Patna Inside
गोलघर के अंदर किसी भी पिलर का प्रयोग नहीं हुआ है। इसके दीवार की मोटाई 3.6 मीटर्स है, ओर इसकी बेस हाइट 29 मीटर है। इसके अंदर दरवाज़े भी बनाये गए हैं।
गोलघर के ऊपर चढ़ने पर पटना शहर एवं गंगा नदी का विहंगम दृश्य दिखता है । गोलघर के कैंपस में एक सुन्दर सा लॉन या गार्डन बनाया गया है जहाँ साल के बारहों महीने हरियाली छाई रहती है।
पटना के गोलघर का टिकट दर | Golghar Patna Ticket Price
गोलघर में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है। गोलघर की तस्वीरें क्लिक करने के लिए कैमरा और मोबाइल को अंदर ले जाया जा सकता है।
Note: नियम का बदलना सरकारी अथॉरिटी पर निर्भर करता है ओर इसे उनके द्वारा बदला भी जा सकता है, अतः नए नियमो से अवश्य अवगत रहें।
गोलघर जाने का समय | Golghar Patna Bihar Timings
पटना के गोलघर को देखने के लिए आपको पटना जंक्शन से गाँधी मैदान की ओर जाने वाले ऑटो, इ-रिक्शा, कैब वगैरह आसानी से मिल जायेंगे। गोलघर पटना जंक्शन से तकरीबन 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऑटो, इ-रिक्शा, कैब इत्यादि आपको पटना स्टेशन से गोलघर 10 मिनट के अंदर पहुंचा देंगे।
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पटना का गोलघर आगंतुकों के लिए सप्ताह के छह दिन (सोमवार को छोड़कर), 10 बजे सुबह से 5:30 शाम तक खुला रहता है। समय सारणी नीचे दिया गया है:
दिन | समय |
रविवार | 10 AM से 5.30 PM |
सोमवार | बंद |
मंगलवार | 10 AM से 5.30 PM |
बुधवार | 10 AM से 5.30 PM |
वृहस्पतिवार | 10 AM से 5.30 PM |
शुक्रवार | 10 AM से 5.30 PM |
शनिवार | 10 AM से 5.30 PM |
Note: दिए गए समय में परिवर्तन हो सकता है। कृपया जाने से पहले आधिकारिक सूचना जांच लें।
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गोलघर का लेज़र शो
गोलघर के प्रांगण में लेज़र शो भी दिखाया जाता है। इस शो में गोलघर ओर पटना शहर के बारे में लेज़र के उपयोग से दृश्य बना कर बताया जाता है। यह शो आमतौर पर शनिवार ओर रवीवार की शाम में प्रस्तुत किया जाता है। पहला शो शाम के 6:15 में ओर दूसरा शो शाम के 7:15 में शुरू किया जाता है। इस शो के लिए टिकट दर 30/- रूपए का होता है। कृपया पैसे देने के पहले गोलघर अथॉरिटीज से सही टिकट दर की जांच कर लें।
Golghar FAQ
गोलघर किस लिए प्रसिद्ध है?
गोलघर बिहार की राजधानी पटना में स्थित शहर का एक मुख्य आकर्षण है, ओर पटना शहर के इतिहास के बारे में बतलाता है। यह असल में अंग्रेजी काल में बनाये गए अन्न भण्डारण का केंद्र था।
गोलघर पटना में कितनी सीढ़ियाँ हैं?
पटना के गोलघर में इसके चारों ओर कुल मिलाकर 145 सीढ़ियां है।
गोलघर किस दिन बंद रहता है?
गोलघर सोमवार को बंद रहता है।
गोलघर का वास्तुकार कौन था?
गोलघर का वास्तुकार कैप्टेन जॉन गर्स्टिन था।